✍️ भगवान प्रकाश, निरमंड
तहसील निरमंड के अंतर्गत आने वाली चैल पंचायत में भाद्रपद संक्रांति को मनाया जायेगा मेला “चैल पड़ेई” यह मेला प्रत्येक वर्ष मनाया जाता है परन्तु एक गांव में 10 साल के बाद आता है। क्यूंकि यह मेला यहाँ की देवी चैलाशनी को समर्पित होता है। यह मेला देवी के आधीन क्षेत्र के अन्तर्गत आने वाले दस गाँवो : जाओं, कलोटी, ढ़मार, दवाह, बघीर, कलौंट, जरोट, ठारला, तिंदर, जुआगी इन दस गावों में मनाया जाता है।
इस मेले की विशेषता है कि इसमें घी पीने और पिलाने की प्रथा है l जिस गांव में यह मेला मनाया जाता है l उस गांव के लोग घी को पिलाते है और जिस गांव यह मेला आगामी साल में होगा वहाँ के लोग घी पीते है l घी पिलाने के लिए मिट्टी से बना पाइप वाला कलश बनाया जाता है। जिसकी तैयारियां एक साल पहले से की जाती है।
घी के कलश को गांव का मुखिया अपने शीर्ष पर उठाता, जिसके साथ मशाल वाले लोग, कारल (बिच्छूबूटी ), लकड़ी के छड़ में आटे से निर्मित बकरे, दिए इत्यादि रखे होते है और देवी भी अपने लाव लश्कर के साथ अपने मूल मंदिर से वहाँ मेले के लिए निकलती है। और उस गांव में पहुँचती जहां इस मेले का आयोजन किया जाता है ll घी पीलने और पीने को भोज नृत्य कहते है। इस साल यह मेला बघीर गांव में मनाया जायेगा। इस बार सक्रांति 17 अगस्त को है इसलिए मेला 17 अगस्त को मनाया जाएगा।
✍️ भगवान प्रकाश, निरमंड