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कुमारसैन में गाहन पानी से पिछला आहर सड़क बदहाल, गर्भवती महिलाओं व मरीज़ों को करना पड़ रहा दिक्कतों का सामना

हितेन्द्र शर्मा, कुमारसैन

👉 अनुसूचित जाति की आबादी इस क्षेत्र में लगभग 90 प्रतिशत

👉 सड़क सुविधा न होने के कारण एक गर्भवती महिला की हो चुकी मृत्यु

👉 अस्पताल मे बच्चें को जन्म देने के बाद प्रसूता को लकड़ियों पर उठाकर गांव लाना मजबूरी

👉 कुमारसैन पी.डब्लू.डी ऑफिस में जमा दस्तावेज लेकिन नही हो रहा कार्य

👉 ग्रामीणों का सरकार से आग्रह “गाहन पानी से पिछला आहर सड़क” के निर्माण कार्य मे लाएं तेजी

कुमारसैन उपमंडल के ग्रामवासी आज भी उन मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं जिनके बिना जीवन की कल्पना एक डरावने स्वप्न सी प्रतीत होती है। शिमला जिला के उपमंडल कुमारसैन की ग्राम पंचायत जंजैली के अंतर्गत गाहन पानी से पिछला आहर सड़क के कार्य में विलम्ब के कारण आज तक लोगों को सड़क सुविधा नहीं मिल पाई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र की आबादी लगभग 90 प्रतिशत अनुसूचित जाति के लोगों की है। स्थानीय लोगों ने लगभग 3.5 किलोमीटर लम्बाई की सड़क के लिए पीडब्ल्यूडी विभाग को पांच साल पहले जमीन सौंपी थी, तब से स्थानीय लोग सरकार से सड़क की मांग कर रहे है।

स्थानीय निवासी कैलाश चौहान ने बताया कि सड़क सुविधा न होने के कारण यहाँ पर एक गर्भवती महिला कि मृत्यु भी हो चुकी है, अगर कोई व्यक्ति बीमार हो जाए तो वो रास्ते मे ही दम तोड़ देता है, इसलिए समस्त ग्रामीणों ने सरकार से आग्रह किया है कि गाहन पानी से पिछला आहर सड़क के निर्माण कार्य मे तेज़ी लाई जाए और वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए जाए कि जो फाइल इस सड़क कि क्लेरेंस के लिए उन के पास काफ़ी समय से पड़ी हैं उसको जल्दी से जल्दी अनुमति प्रदान करें ताकि ग्रामीण लोगों को सड़क से जोड़ा जाए और भविष्य में यहां पर लोगो को सड़क के अभाव के कारण अपनी जान न गवानी पड़े।

सड़क न होने का दर्द बयान करती महिलाओं रीता चौहान, प्रोमिला, कुमता देवी एवं महिला मंडल प्रधान दीक्षा का कहना है, बीमारी के समय में सड़क की बहुत कमी खलती है क्योंकि समय रहते हम किसी को अस्पताल तक नहीं पहुंच पाते अगर सड़क अच्छी होती तो एंबुलेंस भी गांव में आ सकती है। गांव की गर्भवती महिलाओं को भी सड़क न होने से भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। गांव की गर्भवती महिला को पिछले कल भी अस्पताल मे बच्चें को जन्म देने के बाद प्रसूता को लकड़ियों पर उठाकर ग्रामवासी लेकर आए जोकि वर्तमान में मजबूरी बन गई है।

ग्राम पंचायत प्रधान शिव राम बाली व उप प्रधान खमेश चंद का कहना है कि चुनाव के समय सभी दलों के नेता आते हैं और गांव के विकास के लिए बड़ी-बड़ी बातें करके चले जाते हैं। उसके बाद फिर पांच साल तक दोबारा कभी भी उनका आना नहीं होता है। हम हर बार कोशिश करते है कि हमारे गांव की सड़क अच्छी हो, साफ सुंदर और मजबूत हो ताकि गांव का विकास हो सके। स्थानीय लोगों ने बताया कि हमने पी.डब्लू.डी ऑफिस में काफी दस्तावेज दिए हैं लेकिन आज तक किसी पर भी कार्य नहीं हुआ है। हम लगातार गांव में सड़कों की हालत को सुधारने की दिशा में प्रयासरत हैं क्योंकि सड़कों की हालत जब तक ठीक नहीं होती है, गांव की दशा भी नहीं बदल सकती है।

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