हिमाचल प्रदेश पुलिस की भूमिका जहां आम जनता के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण ओर अतिआवश्यक रहती है तो वहीं सरकार के विभिन्न क्षेत्रों में पुलिस प्रशासन अपनी अहम भूमिका को भी निभातीं है वहीं अगर हम पुलिस के सेवा और समर्पण का जिक्र करें तो देश भर के हर राज्यों ओर विशेषकर हिमाचल प्रदेश पुलिस के सैकड़ों जवानों ने समय समय पर अपने सेवा भाव ओर समर्पण से हिमाचल प्रदेश की कानून व्यवस्था ओर रक्षा के लिए अपने अमूल्य जीवन को भी समर्पित किया है जिसको हम सभी प्रदेश वासी हर वर्ष 21 अक्तूबर को पुलिस स्मृति दिवस के रूप में उनके त्याग ओर सेवा को याद करते है और उनके परिजनों को भी इस गौरवमई क्षणों में सम्मानित ओर ढांढस बंधाया जाता है जिस प्रकार हिमाचल प्रदेश देव भूमि ओर वीर भूमि के नाम से जाना जाता है तो उसी परिप्रेक्ष्य में हिमाचल प्रदेश पुलिस को भी वीर प्रहरी के नाम से जाना जाता है और उनके व्यस्तम ओर ख़तरे भरे जीवन को हमेशा देखने को मिलता है जहां पर उनके व्यस्तम कार्यक्षेत्र में सिमित अवकाश मिलते हैं और दिन रात की ड्यूटी करने का मानसिक ओर शारीरिक दवाव बना रहता है तो वहीं पुलिस को ऐसे ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में कार्य करना पड़ता है जहां पर जीवन को ख़तरे में डालना पड़ता है और ओर देश के लिए शहीद हो जातें हैं जहां पर उनके परिजनों को अपने जीवन ओर परिवार को संभालना मुश्किल हो जाता है इस प्रकार हिमाचल प्रदेश पुलिस सदैव जनता की सेवा में बेहतर से बेहतर सेवा देने का प्रयास करती है जबकि कभी कभी समाज और क्षेत्र में पुलिस प्रशासन ओर पुलिस कर्मियों ओर अधिकारियों के चन्द कर्मियों के ग़लत होने ओर कार्यक्षेत्र में कोताही होने पर समस्त पुलिस प्रशासन पर सवालिया निशान लग जाता है परन्तु अगर हम सामान्यतः जीवन में पुलिस प्रशासन के कार्यक्षेत्र की बात ओर जिक्र किया जाएं तो हमें ज्ञात होता है कि पुलिस हम सभी की सुरक्षा ओर सेवा के लिए दिन रात सेवाएं प्रदान करतीं हैं जिसका उदाहरण हिमाचल प्रदेश पुलिस ने समय समय पर दोहराया ओर सिद्ध भी किया।
परन्तु आज के परिप्रेक्ष्य में हिमाचल प्रदेश पुलिस की कार्यक्षेली त्याग ओर व्यस्तता के ओर भी ध्यान केंद्रित करने ओर चिन्तन करने की परम् आवश्यकता है और समाज में पुलिस के प्रति सकारात्मक सोच ओर विश्वास की डोर होनी जरूरी है ताकि कोई भी अपराध ओर जानकारी के लिए जनता ओर हिमाचल प्रदेश पुलिस के बीच विश्वास ओर उम्मीद की किरण सदैव बनी रहे अन्यथा अनेकों क्षेत्रों में देखने ओर सुनने को मिलता है जहां पर पुलिस को सहयोग ना करने की बजह से जनता ओर क्षेत्र में दिन प्रतिदिन अपराधों ओर अवस्था की वजह से संतुलन नहीं बन पाता ओर अपराधी को पकड़ने ओर सलाखों के पीछे पहुंचाने में पुलिस को बहुत ज्यादा समय ओर कठिनाई उस गंभीर समस्या के निराकरण के लिए लग जाती है।
अतः आज हम पुलिस स्मृति दिवस पर उन वीर जवानों को नमन ओर श्रृद्धासुमन अर्पित करते हैं जिन्होंने हिमाचल प्रदेश पुलिस में अपनी जान की परवाह किए बगैर हम सभी प्रदेश वासियों के जीवन को सुरक्षित करने ओर बेहतर बनाने के लिए अपने अमूल्य जीवन को दांव पर लगा दिया हिमाचल प्रदेश पुलिस ने जहां करोना काल में भी अपनी बहुमूल्य सेवाएं प्रदान की जब लोग घरों से बाहर निकलने के लिए भी डरते थे उस समय भी हिमाचल प्रदेश पुलिस ने अपनी जान की परवाह किए बगैर प्रदेश ओर देश में अलग अलग कार्यक्षेत्र में बेहतरीन सेवाएं प्रदान की तो वहीं प्रदेश में आईं आपदा में भी पुलिस ने अपनी जान की परवाह किए बगैर जनता की सेवा में दिन रात समर्पित रहीं।
इस प्रकार पुलिस स्मृति दिवस हमें अहसास दिलाता है कि पुलिस जवानों ने किस प्रकार अलग-अलग कठिन क्षेत्रों ओर वातावरण में जनता ओर सरकार के विकासात्मक कार्यों में अपनी अहम भूमिका निभाती है जिसके देश भर में लाखों उदाहरण हम सभी के सामने प्रत्यक्ष रूप आज भी मौजूद हैं इस प्रकार अधिकांश पुलिस कर्मी अपने कार्यक्षेत्र में सदैव अग्रणी भूमिका ओर त्याग के लिए सदैव याद किया जाता है इस प्रकार आज के परिप्रेक्ष्य में हम सभी जनता के लिए जिक्र ओर चिन्तन करने की परम् आवश्यकता है कि पुलिस के सेवा भाव ओर त्याग ने देश भर ओर हिमाचल प्रदेश पुलिस ने अपने बलिदानों की शहादत देने में इतिहास रचने में महारथ हासिल की है और उनके बलिदान को सदैव याद करने ओर चिन्तन करने की परम् आवश्यकता भी है क्योंकि पुलिस के सेवा भाव ओर समर्पण के कारण ही जनता ओर सरकार में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है पुलिस जहां जनता में उनके जीवन को सुरक्षित रखने ओर विश्वास के लिए जानी जाती है तो वहीं अपराधियों के लिए खौफ ओर डर का वातावरण बनाती है इसलिए आज पुलिस स्मृति दिवस को सदैव आदर और गर्व के साथ अहसास दिलाती है कि शहीद हुए पुलिस जवानों ने हमारे जीवन ओर समाज को सुरक्षित करने के लिए अपने भविष्य को दांव पर लगा दिया जो हम सभी के लिए गौरव की बात ओर ताउम्र चिन्तन करने की आवश्यकता है और आज भी जररुत है कि शहीद हुए पुलिस जवानों के परिवारों को समाज हर संभव प्रयास समय समय पर करें और उनके परिजनों को हर सुविधा ओर संसाधन सरकार ओर प्रशासन उपलब्ध करवाएं ताकि उनके जीवन को बेहतर ओर सुरक्षित बनाया जा सके।
स्वतन्त्र लेखक – हेमराज राणा, सिरमौर