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साहित्य

आठवीं अनुसूची की राह देखती पहाड़ी भाषा

✍️ आचार्य डॉ कर्म सिंह भारत की स्वतंत्रता के बाद कुछ प्रदेशों के गठन में आंचलिक भाषाओं और संस्कृति तथा जनजीवन की परंपराओं का विशेष महत्व रहा है। हिमाचल प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ यशवंत सिंह परमार के भागीरथ प्रयासों…

सांस्कृतिक पुनर्जागरण का अमृत काल

✍️ आचार्य डॉ. कर्म सिंह कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारीसदियों रहा है दुश्मन दौरे जमा हमारा। सृष्टि की संरचना के बाद जल का स्तर धीरे-धीरे नीचे होने पर सबसे पहले हिमालय क्षेत्र का भूभाग जल से बाहर…

नवरात्रि महोत्सव – शक्ति की उपासना एवं विजय का पर्व

या देवि सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।। नवरात्रि महोत्सव का महत्व भारत में शक्ति का महत्व आदिकाल से ही माना गया है। चाहे धर्म हो, अर्थ हो, काम हो और चाहे मोक्ष हो, इन चारों पुरुषार्थों की…

सार्थक व्यंग्य लेखन का मिशन : सींग वाले गधे

प्रेम जनमेजय को जब हम पढ़ते है तो ऐसा लगता है लेखक यदि गद्य लेखन में कहानी, उपन्यास, निबंध, संस्मरण आदि विधाओं की तरफ लेखनी उठाते तो संभवत: और भी अधिक साहित्य जगत में मुकाम हासिल करते… यह एक सामान्य…

आबकारी कमिश्नर एन सी बैकटा ने डॉ. हिमेन्द्र बाली के मण्डी पर शोधात्मक कार्य को सराहा

आबकारी विभाग में कमीश्नर रहे एन सी बैकटा ने डॉ. हिमेन्द्र बाली “हिम”की मण्डी जिले पर आधारित शोधपूर्ण पुस्तक “हिमालय गरिमा : मण्डी का सांस्कृतिक वैभव” पुस्तक में किये गये श्रमसाध्य कार्य को सराहा। डॉ. हिमेन्द्र बाली “हिम”की मण्डी जिले…

संस्कृत संस्कृति के अनन्य उपासक आचार्य दिवाकर दत्त शर्मा

✍️ आचार्य डा कर्म सिंह बात उस समय की है जब राजा श्री वीरभद्र सिंह जी हिमाचल प्रदेश की लोकप्रिय मुख्यमंत्री थे और श्री प्रेम शर्मा जी निदेशक भाषा संस्कृति विभाग । उसी समय में हिमाचल कला संस्कृति भाषा अकादमी…

साहित्यिक पुरस्कारों से अलंकृत सेवा निवृत आई०ए०एस० रमेशचंद्र शर्मा हमारे बीच नही रहे यह खबर सुनते ही साहित्य जगत मे शोक की लहर

स्मृति शेष गांव टकसाल, जिला सोलन में 21 मार्च, 1929 में जन्में सेवा निवृत आई०ए०एस० एवम सुप्रसिद्ध साहित्यकार एवं कवि श्री रमेशचंद्र शर्मा 95 वर्ष की आयु में आज 20.09.2023 सुबह इस मृत्युलोक को अलविदा कह गए। वे गत अनेक…

चलते फिरती पुस्तकें हैं बड़े बुजुर्ग

संसार में जितना भी ज्ञान है, बड़े–बड़े सिद्धान्त, शब्दकोश, नियम, वैज्ञानिक आविष्कार इत्यादि का मूल क्या है? ये सब कुछ कैसे उपलब्ध हुआ? अब इसके उत्तर में साधारण रूप से यही कहा जाएगा कि विभिन्न विषयों का गहन अध्ययन किया…

सुकेत सत्याग्रह के योद्धा हेतराम का निधन

मण्डी जिला की करसोग तहसील के अंतर्गत भनेरा पंचायत के थाच गांव के 101 वर्षीय  सत्याग्रही हेतराम के 8 सितम्बर 2023  शुक्रवार को  निधन से  सुकेत सत्याग्रह  के एक अध्याय का अवसान हो गया. सुकेत सत्याग्रह हिमाचल के प्रजामण्डल के…

सतलुज घाटी में हरितालिका तीज पर चिड़त्री पर्व परम्परा

✍️ डॉ. हिमेन्द्र बाली शैलेन्द्र हिमालय के पश्चिम के अंचल में बसा हिमाचल मानव सृष्टि का उद्गम स्थल रहा है. यहीं जलप्लावन के बाद मनु की सप्तर्षियों सहित नाव रूकी थी. जल प्लावन के क्षीण होने पर मनु ने शतरूपा…