नया बनाने का नही पुराने को बचाने का समय आ गया
✍️ पवन कुमार शर्मा, फिल्म निर्देशक नया बनाने का नही पुराने को बचाने का समय आ गया। प्रकृति के साथ की गई छेड़छाड़ का नतीजा आज ग्लोबलवार्मिंग के रूप मे सामने है। पेड़ गिर रहे है, सड़के टूट रही है,…
समाज सुधारक एवं स्वतंत्रता सेनानी सत्यानंद स्टोक्स
✍️ डॉ कर्म सिंह आर्य अमेरिका से समाज सेवक बनकर आया एक व्यक्ति शिमला के ग्रामीण क्षेत्र कोटगढ़ में आकर हिंदुओं को ईसाई बनाने के काम में जुट जाता है और उसका लक्ष्य रहता है, भोले-भाले लोगों को किसी न…
लोकतंत्र के बहाने विपक्ष और सत्तापक्ष की खींचतान
चुनाव होने को थे, पक्ष और विपक्ष में विभिन्न मुद्दों को लेकर खींचतान जारी थी। मीडिया के लोग अपने-अपने चहेतों के लिए आवाज बुलंद करने लगे थे। विपक्ष और सत्ता पक्ष में जोर आजमाइश का दौर शुरू हो चुका था।…
आंसुओं में हादसे, हमें माफ करना प्रकृति
✍️ एस आर हरनोट आप या आपका कोई अपना सुबह तड़के नहा धो कर हाथ में जल का लोटा लिए ॐ नमः शिवाय का जाप करते किसी शिव मंदिर जाकर पूजा करने लगता है और तभी भयंकर गर्जना के साथ…
आज की कविता
एक मंदिर काजमींदोज हो जाना ईश्वर काईश्वर पर आक्रमण पूजा मेंनिरंतर जीवन मांगते लोग, काश!पूजा में मांग लेते पहाड़थोड़े से पेड़औरअंजुली भर पानी दोनों बच जातेपृथ्वी और जीवन। ✍️ एस आर हरनोट
विकास की राह में विनाश की चुनौतियां
✍️ डॉ. कर्म सिंह आर्य परमात्मा ने इस धरती पर असंख्य प्राणियों के जीवन यापन, प्राण रक्षा एवं भोग के लिए विभिन्न प्रकार के अन्न औषधियां वनस्पतियां तथा अन्य पदार्थ बनाए हैं जिनका भोग करता हुआ यह मनुष्य अन्य प्राणियों…
भारत माता एक जीवंत परंपरा
✍️ डाॅ. कर्म सिंह आर्य जिस भूमि पर हम जन्म लेते हैं वह राष्ट्र हमारी मातृभूमि कहलाता है और जिस मातृभूमि पर बहती जल धाराओं से हमें जीवन मिलता है, हमारे शरीर में प्राणवायु संचालित होता है, जिससे देश की…
मैलन गाँव की बूढ़ी देवड़ी (बूढ़ी दिवाली)
✍️ उमा ठाकुर, शिमला हिमाचल देवभूमि है यहाँ के लोगों का जीवन बड़ा ही सीधा-साधा और धार्मिक भावना से ओत प्रोत है। लोक जीवन के विविध रंग परम्पराएं, रीति रिवाज, वर्ष भर चलने वाले मेले और त्यौहार, लोक गीतों की…
चैल पंचायत में भाद्रपद संक्रांति को “चैल पड़ेई” मेला
✍️ भगवान प्रकाश, निरमंड तहसील निरमंड के अंतर्गत आने वाली चैल पंचायत में भाद्रपद संक्रांति को मनाया जायेगा मेला “चैल पड़ेई” यह मेला प्रत्येक वर्ष मनाया जाता है परन्तु एक गांव में 10 साल के बाद आता है। क्यूंकि यह…
भारत में विवाह की मान्यताएँ
✍️ डॉ. कर्म सिंह आर्य प्राचीन भारत में नीति शास्त्र के आधार पर आठ प्रकार के विवाह का उल्लेख है जिसमें सबसे अच्छा ब्रह्म विवाह को माना जाता है जिसमें लड़का और लड़की दोनों पक्षों के माता-पिता आपसी सहमति से…