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धर्म-संस्कृति

सतलुज घाटी में शणचा देवोत्सव : ऐतिहासिक संदर्भ

सतलुज घाटी में श्रावन मास में जिला मण्डी के सुकेत क्षेत्र व जिला शिमला के पूर्ववर्ती शांगरी की राजधानी बड़ागांव में शणचा मेले का आयोजन सम्बन्धित देवों की उपस्थिति में होता है. शणचा वास्तव में ऐसा देवोत्सव होता है जिसमें…

पूर्वाग्रह ग्रसित कुछ लोगों द्वारा इतिहास को विकृत करने की साजिश

इतिहास समाज का वह दर्पण होता है जो अतीत का तथ्यात्मक या सत्याभासित विवरण प्रस्तुत करता है ताकि वर्तमान को अतीत की सही सूचना प्राप्त हो सके। इतिहास लेखन के लिये पुरातात्विक, पुरालेख, सिक्के, डायरियां, सरकारी दस्तावेज, लोकवार्ताएं व लोकगीत…

भक्तों के लिए कल्प वृक्ष कमरुदेव:-मंडी

सुकेत रियासत के प्रमुख देव कमरुदेव के दरवार में भारी बारिश के बाबजूद भी करसोग-पांगणा-कुमारसैन के श्रद्धालु पहुंचे।संतानदाता कमरुदेव के दर पर पहुंचे स्वास्थ्य विभाग के सेवानिवृत्त वरिष्ठ फार्मासिस्ट श्याम लाल शर्मा,चंबा जिला के सलुनी उप-मंडल से सेवानिवृत्त एस डी…

विजयोत्सव का प्रतीक : पाट्टीजुब्बल जातर

✍️ डॉ. हिमेन्द्र बाली कुमारसैन तहसील के अंतर्गत पाटीजुब्बल नामक स्थान पर छ: व सात आषाढ़ को मेले का आयोजन होता है जिसे पाटीजुब्बल जातर कहा जाता है. यह उत्सव देव परम्परा के साथ साथ ऐतिहासिक महत्व से जुड़ा है….

ऐतिहासिक नगरी पांगणा में हर घर में संपन्न हुआ तुलसी शालिग्राम विवाह

डाॅ. जगदीश शर्मा इस बात को सभी मनुष्य एक साथ मुक्त कंठ से स्वीकार करते हैं कि हमारी भारत भूमि साहित्य, गणित, दर्शन ज्योतिष वैद्यक आदि सभी विषयों में संपन्न होने के कारण पूरे विश्व में सिरमौर समझी जाती है।…

धूम-धाम से मनाया गया श्री नाग च्वासी का प्राकट्य दिवस

✍️ टी. सी. ठाकुर च्वासी क्षेत्र के अराध्य देव व च्वासी क्षेत्र के गढ़पति श्री नाग च्वासी जी का प्राकट्य दिवस हर बर्ष की भान्ति इस वर्ष भी 3 आषाढ़ 17-06-2023 को इनकी जन्म स्थली शगाच में धूमधाम से मनाया…

अनूठी आस्था और विश्वास का प्रतीक है बिड़ला गांव का जहारवीर गोगा महाराज का ये मन्दिर..

यूं ही नहीं कहा जाता हिमाचल को देव भूमि, हिमाचल के अलग-अलग क्षेत्रो में देव स्थल के रूप में प्रसिद्ध है अनेकों देवी देवताओं का पुरातन इतिहास जहां आज भी साक्षात् दर्शन और आभास करवाता हैं और हमेशा करवाते रहेंगे…

सतलुज घाटी क्षेत्र में दो दिवसीय आषाढ़ संक्रांति (साजी साढ़) देवोत्सव शुक्रवार को संपन्न

डाॅ. जगदीश शर्मा, पांगणा च्वासीगढ की पहाड़ियों के आंचल में बसा तेबन वाकई करसोग के सबसे खूबसूरत स्थानों में से एक है। इतिहासकार और साहित्यकार डाॅक्टर हिमेंद्र बाली “हिम” और संस्कृति मर्मज्ञ हितेन्द्र शर्मा का कहना है कि तेबनी महादेव…

परशुराम की सिद्ध शक्तिपीठ काओ-ममेल में यूर्व भारतीय प्रशासनिक युगल श्रीधर ने लिया आशीर्वाद तथा करसोग में हुआ गर्मजोशी से स्वागत

हितेन्द्र शर्मा, करसोग सुकेत की वैदिक व पौराणिक भूमि में करसोग का विशिष्ट सांस्कृतिक व ऐतिहासिक स्थान है।भार्गव गोत्र के प्रवर्तक भृगु ऋषि की तप:स्थली करसोग ऋग्वैदिक ऋषि विमल व अमल की तपोभूमि रहा है। करसोग शहर में 26 वर्ष बाद…

प्रशासनिक सदस्य केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण प्रधान पीठ तरुण श्रीधर और विश्व स्वास्थ्य संगठन में वरिष्ठ अधिकारी के पद पर सेवारत मनीषा श्रीधर ने ममलेश्वर महादेव मंदिर ममेल में लिया आशीर्वाद

हितेन्द्र शर्मा, करसोग करसोग उप-मण्डल का ऐतिहासिक ममेल गांव का गौरव है कि इसका वैभवशाली अतीत रामायण और महाभारत से जुड़ा है। इतिहासकार, साहित्यकार और शिक्षाविद डाॅक्टर हिमेंद्र बाली ‘हिम” का कहना है किइन्द्र द्वारा भृगु ऋषि के तपश्चर्या को…