कुमारसैन के निचले क्षेत्रों से रसीली चेरी बाजार में पहुंच चुकी है। मई के पहले सप्ताह पहले कम मात्रा में चेरी बाजार में आना शुरू हई, धीरे-धीरे मंडी में किसान-बागवानों ने अपनी फसलों को तैयार कर मंडी में पहुंचा रहे है। कुमारसैन क्षेत्र के किगंल में स्थानीय आढ़तियो के पास बागवानों को 300 से 500 रुपये प्रति डिब्बा दाम मिल रहा है।
बुधवार को कुमारसैन क्षेत्र के कुई, कोटला, धनाल, धनापाणी, कठीन और खड़ाहण से चेरी की खेप वर्मा फ्रूट कंपनी किगंल में पहुंची जहां 27 बॉक्स चेरी को अधिकतम 400 रुपये प्रति बाक्स तक दाम मिले। चेरी लेकर मंडी पहुंचे कठीन के ललित भण्डारी, सवाणा के परविंदर वर्मा ने बताया कि बीते वर्ष के मुकाबले इस वर्ष चेरी की फसल ज्यादा है। किसान-बागवान को शुरुआत में ही रिकॉर्ड रेट मिला है। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में और भी अच्छे दाम मिलेंगे।
वर्मा फ्रूट कंपनी ने संचालक प्रैम वर्मा बताया कि कुमारसैन में चेरी के उत्पादन के लिए विख्यात धनापाणी गांव के बागवान शेर सिंह चौहान को चेरी 55 बाक्स 400 रूपए और डेढ किलों वजन वाले 32 पनेट के बाक्स 650 रूपए दाम मिला उल्लेखनीय है कि प्रदेश में चेरी की सबसे अधिक पैदावार शिमला जिला के ननखड़ी, कोटगढ़, नारकंडा और कुमारसैन के विभिन्न क्षेत्रों में होती है।