✍️ आचार्य डाॅ. कर्म सिंह
मोदी मोदी मोदी, यह शोर सुनाई देने पर यह विश्वास तुरंत होने लगता है कि भारत के लोकप्रिय यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का आगमन हो चुका है। कई किलोमीटर सड़क के दोनों ओर खड़ी भीड़ जब रोड शो के दौरान मोदी पर फूलों की वर्षा करती है तो एक ही नारा बुलंद होता है- मोदी मोदी मोदी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बाल स्वयंसेवक के तौर पर प्रारंभ हुई नरेंद्र मोदी की यह यात्रा अब पूरे जीवन की तपस्या के फल के रूप में खूब फल फूल रही है और भारत सहित पूरा विश्व नरेंद्र मोदी की इस कठिन तपस्या का फल भोग रहा है। संघ के प्रचारक के तौर पर पूरे भारत का भ्रमण करते हुए भारतीय संस्कृति को नजदीक से देखा ,जाना, समझा और आत्मसात् किया।
इमरजेंसी के दौरान सिख वेशभूषा अपना कर राष्ट्र के उत्थान के लिए समर्पित रहे। गुजरात के मुख्यमंत्री बनने के बाद रात दिन के अथक परिश्रम से जनसेवा के नए आयाम स्थापित किए। गोधरा कांड के बहाने उनको बदनाम करने की पुरजोर कोशिशों के बाद भी वह निष्कलंक होकर निकले । भारत के प्रधान सेवक चुने जाने पर छोटे से कार्यकाल में हर दिन 18- 20 घंटे परिश्रम करते हुए उन्होंने भारत को एक नई ऊंचाई पर पहुंचाने का सफल प्रयास किया। जिस अमेरिका ने राजनीतिक कारणों से तब उन्हें वीजा नहीं दिया वही अमेरिका आज व्हाइट हाउस में आमंत्रित करके उन्हें सम्मान प्रदान करता है। यह नरेंद्र मोदी के भारत के प्रति समर्पण, जन सेवा तथा विश्व समुदाय के प्रति एक परिवार की भावना का प्रतिफल है।
नरेन्द्र मोदी जितना अपने देश में प्रधानमंत्री के तौर पर सक्रिय एवं सफल रहे उतना ही वे विदेशों में भी लोकप्रिय हैं भारतीय मूल के विदेश में रहने वाले लोग मोदी के प्रति जिस तरह का सम्मान व्यक्त कर रहे हैं वह स्वयं में महत्वपूर्ण है। मोदी के नेतृत्व में विदेश में भारत के प्रति हीन भावना का दृष्टिकोण बदला है और आज भारतीयों को सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है। यद्यपि कुछ देश में भारत की उन्नति को देखते हुए खूब जलन हो रही है और उनके कुछ प्रतिनिधि भारत में अक्सर हल्ला करते हुए नजर आते हैं परंतु मोदी ने एक लंबी रेखा खींचकर उनके षड्यंत्र को काफी हद तक बौना साबित कर दिया है।
प्रारंभ में प्रधानमंत्री बनने पर उनकी खूब आलोचना भी होती रही परंतु उन्होंने मौन रहकर अपने काम से सभी को प्रभावित करके उत्तर दिया है जिसके अब सुखद परिणाम इस रूप में सामने आने लगे हैं कि विश्व के सभी देशों ने मोदी के नेतृत्व को स्वीकार करते हुए आगे बढ़ने का संकल्प लिया है। कोरोना काल में भारत ने जो निशुल्क वैक्सीन विश्व के अन्य देशों तक पहुंचाई उससे मोदी का कद और ऊंचा हो गया। जी-20 की अध्यक्षता मिलने के बाद भारत में लगभग 260 बैठकें देश के विभिन्न भागों में सफलतापूर्वक आयोजित की गई कथा विश्व के अन्य देशों के प्रतिनिधियों को भारत के विविध सांस्कृतिक परिवेश को देखने और समझने का सुनहरा अवसर मिला। कश्मीर में जी 20 की बैठक का आयोजन विश्व समुदाय को कश्मीर की शांति और विकास दिखाने में सफल रहा।
भारत की अध्यक्षता में दिल्ली में आयोजित शिखर सम्मेलन में चीन रूस अमेरिका सहित 21 देशों ने सक्रिय भाग लिया। कुछ मित्र देशों को G20 का सदस्य ना होने के बाद भी अतिथि के तौर पर शिरकत करने के लिए आमंत्रित किया। दक्षिण अफ्रीका को जी 20 का स्थाई सदस्य के रूप में शामिल किया जाना नरेंद्र मोदी की कूटनीति का एक का प्रत्यक्ष उदाहरण है।जी 20 की पिछली घोषणाओं के मुकाबले दिल्ली घोषणा पत्र में लिए गए सर्वसम्मत फैसले विश्व को एक परिवार मानकर सभी के कल्याण के लिए लिया गया संकल्प है जो एक सुखद भविष्य की नींव को मजबूत करने के लिए पर्याप्त है। जी-20 की दिल्ली में आयोजित बैठकों के दौरान जिस तरह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता ने भारत ने पूरे विश्व का नेतृत्व किया है वह अपने आप में एक नया इतिहास बन गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी 20 सम्मेलन के माध्यम से भारत की पुरातन सांस्कृतिक विरासत, खान-पान, वेशभूषा, संस्कृति, परंपराओं को दिखाने में पूरी तरह से सफल हुए हैं।
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यस्थली राजघाट पर सारे देशों के महान नेताओं का सामूहिक रूप से पहुंचकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करना एक अलौकिक दृश्य था, जो इतिहास में पहली बार देखने को मिला । नि संदेह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विश्व को भारत में निवेश करने के लिए आकर्षित करने में सफल रहे हैं। राष्ट्रपति द्वारा दिए गए रात्रि भोज में भारतीय व्यंजनों को भरोसा गया। इस महाभोज के दौरान अधिकांश विदेशी राष्ट्र अध्यक्ष महिलाओं और उनकी पत्नियों को साड़ी पहने हुए भारतीय वेशभूषा में देखा गया जो कि भारत के लिए अत्यंत गौरव की बात है। मैं एक हिंदू हूं ब्रिटेन के प्रधानमंत्री का यह कहना हिंदुत्व को गौरवान्वित करने वाला क्षण रहा। उन्होंने अक्षरधाम मंदिर में जिस तरह से पत्नी सहित पूजा अर्चना की, साष्टांग प्रणाम करके अपनी आस्था व्यक्त की ,वह दृश्य अनुपम ,अलौकिक रहा । भारत ने मोदी के मार्गदर्शन में जी-20 शिखर सम्मेलन के आयोजन को राष्ट्र को सर्वोपरि मानकर जिस तन्मयता एवं समर्पण भाव से निर्विघ्न रूप से संपन्न किया, वह एक अमित छाप छोड़ता है। इस बैठक में पधारने वाले सभी राष्ट्रीय अध्यक्षों ने एक स्वर से भारत के इस प्रयास की सहना भी की है।
इस कार्यक्रम के दौरान आयोजित प्रदर्शनी में भारत की पारंपरिक लोक कलाओं को जिस तरह से प्रस्तुत किया गया और मेहमानों ने उसमें बढ़-चढ़कर दिलचस्पी ली, वह आने वाले समय में भारत के लिए आरक्षित एवं व्यापारिक तौर पर लाभकारी सिद्ध होने वाला है। इस सम्मेलन के दौरान जो अंतरराष्ट्रीय सर पर विभिन्न देशों को जोड़ने वाली तथा व्यापार और आपसी संबंधों को बढ़ाने वाली बड़ी परियोजनाएं स्वीकृत की गई, जिन में भारत की सक्रिय भागीदारी रहने वाली है। यह परियोजनाएं आने वाले भविष्य में भारत का गौरव बढ़ाने वाली साबित होगी। प्रधानमंत्री मोदी की चिंतन दृष्टि वन वर्ड, वन फैमिली, वन फ्यूचर, यह स्लोगन विश्व के कल्याण के लिए सबका मार्ग प्रशस्त करेगा और यह सब भारत के यशस्वी एवं लोकप्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संभव हो पाया है । प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारतीय संस्कृति परंपरा, कला कौशल, व्यापार और ईमानदारी से मेहनत करने की लगन को देखते हुए भारतीय ज्ञान परंपरा के आधार पर भारत के विश्व गुरु बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर होते हुए देखा जा सकता है जिसमें केंद्र सरकार, प्रांतीय सरकारों प्रशासन तथा कलाकारों तथा मीडिया का सकारात्मक एवं महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
✍️ आचार्य डाॅ. कर्म सिंह