अनुराग शर्मा, BBN
कहते हैं कि सच्ची लग्न अगर हो तो कोई भी काम मुश्किल नहीं होता। इन्हीं पंक्तियों को चरितार्थ किया है हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा की बैजनाथ तहसील के अंतर्गत संसाल गांव की बेटी निधि शर्मा ने जो कि अब आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं देगी। गौर रहे की निधि से डॉक्टर निधि बनने का मुकाम उन्होंने कड़ी मेहनत और लग्न से पाया है।
निधि के पिता भारतीय डाक विभाग से एक डाकिए के पद से सेवानिवृत हुए हैं तथा माता एक गृहणी हैं। डॉक्टर निधि इस उपलब्धि का सबसे ज्यादा श्रेय अपनी दोनों बुआ को देती हैं। डॉक्टर निधि ने अपनी जमा दो तक की शिक्षा जवाहर नवोदय विद्यालय से ग्रहण की है। लेकिन उच्च शिक्षा के लिए घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। उच्च शिक्षा की जिम्मेदारी दोनों बुआ ने निभाई।
डॉक्टर निधि ने BAMS और MS की शिक्षा राजीव गांधी आर्युवेदिक स्नातकोत्तर महाविद्यालय पपरोला से की है। बुआ ने निधि के कोच की मुख्य भूमिका निभाते हुए हर कदम पर सहयोग किया और अंततः निधि को इस मुकाम को हासिल करने में सफलता मिली। हिमालयन डिजिटल मीडिया की तरफ से डॉक्टर निधि शर्मा को ढेरों शुभकामनाएं।