✍️ बलवंत नीब
हिमाचल के जनमानस जिसमें 90 % लोग या तो माध्यम वर्गीय हैं या निम्न माध्यम वर्गीय/गरीब हैं। आप स्क्रीन शॉट में देख सकते हैं कैसे फोर लेन पर सरकारी लूट हो रही है। मैं सुंदरनगर से चंडीगढ़ की कार यात्रा का उदाहरण दे रहा हूँ जो की लगभग 140 कि मी की दूरी फोर लेन से बनती है । आपको पहला टोल बलोह में मिलेगा जिसका एकतरह टोल 65 रुपये, फिर लगभग 40 कि मी के बाद कैंची मोड़ टनल से थोड़ा नीचे मौड़ में आपसे 150 रुपये वसूली होगी । और मेरी आपत्ति इसी भारी भरकम वसूली से है, इतना महंगा टोल आप ने सिर्फ एक्स्प्रेस वे में देखा होगा और वो भी कभी 40 कि मी के दरमियान दूसरी बार नहीं होगा, अगर मैं यहाँ गलत हूँ तो आप कमेन्ट में सुधार कर सकते हैं । इसके बाद पुराना टोल जो पहले से चला या रहा है 60 रुपये का रोपड़-कुराली टोल प्लाज़ा में आपसे वसूला जाएगा । इस तरह आपको कुल 275 रुपये (एकतरफा ) कुल टोल 140 कि मी का देना होता है, जो मेरे हिसाब से साधारण जनता पर अत्यधिक बोझ है, दूसरी बात हिमाचल के लोग ज्यादातर इलाज या जरूरी काम से ही यात्रा करते हैं।
अगर आप 24 घंटों के अंदर वापिस आएंगे तो आती बार आप शायद तकरीबन 200 रुपये (मैं 24 घंटों के अंदर वापिस नहीं या सका इसलिए मुझे आती बार भी 275 रुपये ही चुकाने पड़ें ) और टोल चुकाएंगे, इस तरह आप कुल मिला के 475 से 550 रुपये सुंदरनगर से चंडीगढ़ आने जाने के चुकायेगें ।
ये तो थी आंकड़ों की बात, मैं ऐसा भी नहीं बोल रहा हूँ की टोल ही बंद कर दिया जाये पर 150 रुपये एकतरफा क्या जायज हैं? आप खुद सोचिए !
टोल 50 रुपये से 70 रुपये एकतरफा ही होना चाहिए जिससे आम जनता पर बोझ ना पड़े ।
मुझे हैरानी होती है कि हिमाचल की जनता और जनप्रतिनिधि इतने उदासीन हैं कि वो इस तरह के मुद्दों की तरफ ध्यान नहीं दे रहे।
लोग टोल पर लूटे जा रहे हैं पर या नहीं कर रहे । मेरी सभी जनमानस से अपील है आप अपने भले के लिए तो कम से कम आवाज उठाए, अपने जनप्रतिनिधियों को नींद से जगाइए, क्योंकि टोल आम जनता देगी कोई नेता टोल नहीं देता ये बात आप लोगों को पता है ।
और सभी राजनीतिक दलों के नेताओं और पत्रकारों से भी अपील है ये मुद्दा उठना चाहिए, बहुत अहम मुद्दा है । अगर ये मुद्दा नहीं उठा तो आम जनता ऐसे ही लूटती जाएगी कभी टोल कभी पेट्रोल !
यह मुद्दा सिर्फ चंडीगढ़ से मनाली तक के फोर लेन से सफर करने वाले लोगों के लिए ही नहीं है पूरे हिमाचल के लोगों का मुद्दा है, शिमला चंडीगढ़ फोर लेन में भी ऐसी ही व्यवस्था है, बाकी जगह अगर नहीं है तो आगे हो सकती है, सभी हिमाचल वासी अगर साथ आएंगे तो सरकार कभी ऐसे जन विरोधी टोल वसूल नहीं पाएगी, अगर हम सोये रहे तो ऐसा टोल में या किसी और तरह से भी होता रहेगा ।
✍️ बलवंत नीब