आज 20 अक्टूबर शारदीय नवरात्रे का 6वां दिन है आज मां दुर्गा के छठे स्वरूप मां कात्यायनी की पूजा करते हैं आज रवि योग में माता की पूजा करने से यश और कीर्ति में वृद्धि होती है दुश्मनों पर विजय प्राप्त करने और भय से मुक्ति के लिए मां कात्यायनी की पूजा करते हैं। उनकी कृपा से कठिन से कठिन कार्यों में भी सफलता प्राप्त होती है। मां कात्यायनी का नाम कात्यायनी ऋषि के नाम पर पड़ा।
पौराणिक कथा के अनुसार उन्होंने अपने तप और पूजा से मां दुर्गा को प्रसन्न किया और उनको अपनी पुत्री के रूप में पाने का वरदान मांग लिया।उनके फलस्वरूप मां दुर्गा उनके घर में पुत्री रूप में प्रकट हुई जिससे उनका नाम कात्यायनी देवी पड़ा इनको युद्ध की देवी भी कहते हैं। फूलों की माला पहने मां कात्यायनी देवी अपनी भुजाओं में तलवार और कमल धारण करती है उनकी दो भुजाएं वर्दमुद्रा में होती हैं।
कात्यायनी देवी का पूजा मंत्र:
मां देवी कात्यायनी नमः
वीज मंत्र: क्लीं श्रीं त्रिनेत्रीय नमः
✍️ जी. आर. भारद्वाज, आनी