फायर डिपार्टमेंट ने रोपाठाठर विद्यालय में किया मॉक ड्रिल का आयोजन
अग्निशमन विभाग की फायर चौकी (सरकाघाट) टीम ने राजकीय प्रारंभिक पाठशाला रोपा ठाठर में बच्चों को आपदा प्रबंधन के बारे में जागरूक किया, भूकंप को लेकर मॉक ड्रील कराई गई। आपदा प्रबंधन की इस टीम ने छात्रों को बताया कि भूकंप आने पर अपने सिर के उपर कोई ठोस पदार्थ रखना चाहिए यदि स्कूल में हो तो डेस्क, बेंच या टेबल के नीचे छिप जाएं। इस दौरान भागने का प्रयास न करें क्योंकि यह जानलेवा हो सकता है। टीम के सदस्यों ने प्राकृतिक आपदा एवं मानव जनित आपदाओं को विस्तार पूर्वक बताया गया। बाढ़ से कैसे बचें, आसमान से वज्रपात होने या बादल फटने के दौरान क्या करें, इस दौरान आप बाहर हो तो पेड़ों के पास छिपने की बजाए जहां हैं वहीं बैठ जाएं। अपने सिर पर किताब व अन्य कोई पदार्थ रख लें।

भूंकप के दौरान कौन-कौन सी बातों का ध्यान रखना चाहिए, भारी बरसात व तूफान के समय किस तरह से बचाव करना चाहिए, सड़क दुर्घटना से बचने के लिए किन-किन बातों को ध्यान रखना चाहिए ट्रैफिक नियमों का पालन करना चाहिए, रेलवे लाइन या सड़क पार करने से पहले दायीं और बाईं तरफ देखना चाहिए हमेशा अपनी बांई ओर चलें, अफवाहों एवं भगदड़ से बचने के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए मॉक ड्रील के माध्यम से बचाव की जानकारी दी गई।
आगजनी होने पर इसपर कैसे काबू पाया जा सकता है इसके बारे में बच्चों को प्रैक्टिकल के माध्यम से बताया गया। आपदा के समय घायलों को किस तरह प्राथमिक उपचार दिया जाता है यह भी बताया गया। राजकीय माध्यमिक पाठशाला रोपा ठाठर के मुख्याध्यापक राजेश वर्मा ने बताया कि विभाग द्वारा ऐसे जागरूकता भरे कार्यक्रम समय-समय आयोजित होने चाहिए, बच्चों व आम लोगों के लिए आपदा के समय यह जानकारियां बेहद मददगार साबित होती हैं।

प्राथमिक विद्यालय के मुख्याध्यापक रविंद्र कुमार ने स्कूल में पहुंची आपदा प्रबंधन टीम के सभी सदस्यों का धन्यवाद किया। टीजीटी नॉन मेडिकल कृष्ण चंद, टीजीटी संस्कृत नीरज शर्मा, जेबटी शिक्षक उत्तम चंद व स्कूल के अन्य स्टाफ सदस्य इस दौरान उपस्थित रहे। वहीं आपदा प्रबंधन की टीम में फायर चौकी इंचार्ज जयपाल व गृहरक्षक कंपनी कमांडर मेहर चंद 6ठी वाहिनी जिला मंडी की देखरेख में इस मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इनके अलावा गृह-रक्षक मनोज कुमार फायर-मैन मनोहर लाल,चालक प्रीतपाल सिंह आदि ने इस पूरी प्रक्रिया को संपन्न करवाया।
