Himalayan Digital Media

Himalayan Digital Media

Editorial/सम्पादकीय News राजनीति

किगंल स्कूल परिसर में गन्दगी और अपशिष्ट जल से बच्चों में संक्रामक बीमारियाँ फैलने का खतरा

👉 स्कूल के अध्यापक और स्थानीय लोग कर रहे उचित कार्रवाई की मांग, स्थानीय प्रशासन बना मूकदर्शक

कुमारसैन उपमंडल के अंतर्गत राष्ट्रीय उच्च मार्ग (NH-05) पर बसा किगंल गांव गन्दगी एवं प्रदूषण के लिए जिला शिमला में अव्वल है। एनएच विभाग की लचर व्यवस्था और टाल-मटोल के रवैये के कारण प्रदूषण को निरंतर बढावा मिल रहा है। जिस कारण स्कूली बच्चों और स्थानीय लोगों में जानलेवा संक्रामक बीमारियाँ फैलने का खतरा है।

मार्च महीने में खोल दिया बंद पड़ा सोकपिट

जिला शिमला के उपमंडल कुमारसैन के किंगल गांव में बीते 06 मार्च 2023 को एनएच द्वारा लघु उद्योग चलाने वालों एवं व्यवसायिक मकानों के मालिकों के अपशिष्ट जल और गंदगी को खुलेआम बहाने की सुविधा देने के लिए एक पुराना पत्थरों से बना सोकपिट/कलबट जबरन जेसीबी द्वारा खोला गया। व्यवसायिक घरों से निकलने वाला दूषित पानी खुलेआम रिहाइशी मकानों से होते हुए किंगल के एकमात्र सरकारी स्कूल/पोलिंग बूथ से बहता हुआ किंगल-लवाण कुल्ह में निरन्तर गिर रहा है। किंगल-लवाण कुल्ह के पानी का प्रयोग कृषि, खेतीबाड़ी, वन विभाग की नर्सरी के कार्यों के साथ-साथ स्थानीय लोग पीने के लिए भी करते है।

जिम्मेदार बोले : प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और पंचायत से उठाएं मामला, यह हमारा काम नहीं : किशोरी लाल, एक्सईएन एनएच

किगंल में एनएच के दोनों किनारों पर गन्दगी और प्रदूषण निरन्तर बढ़ता जा रहा है। मकानों से निकलने वाले दूषित जल की पाईपें सरेआम सड़क पर गंदगी फैला रही है। रामपुर बुशैहर के एक्सईएन एनएच किशोरी लाल सुमन से जब पूछा गया कि क्या एनएच के कलबट में किचन-बाथरूम के अपशिष्ट जल को डालने और प्रदूषण फैलाने की अनुमति विभाग देता है? तो उन्होनें टाल-मटोल करते हुए कहां कि किगंल में कलबट के पीछे एक नाला है जिसका पानी कलबट से निकल रहा है, आप प्रदूषण बोर्ड और पंचायत के समक्ष मामला उठाएं यह हमारा काम नही है। जबकि मौके पर कोई नाला नही है बल्कि कुछ व्यवसायिक मकान है जिसमें बेकरी उद्योग, फर्नीचर उद्योग सहित अनेकों किरायेदार परिवार सहित रहते है, जिनका अपशिष्ट जल निरन्तर कलबट में जा रहा है।

राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और पंचायत ने थमाए थे नोटिस

गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, ग्राम पंचायत जार, विकास खंड नारकण्डा के अधिकारियों ने कुछ वर्ष पहले इस कलबट में अपशिष्ट जल डालने वालों और गन्दगी फैलाने वालों को सख्ती से नोटिस भी थमाए और इस स्थान को प्रदूषण से मुक्त करवाया था। साथ-साथ प्रदूषण फैलाने वालों से लिखित में लिया था कि एक माह के भीतर अपने दूषित जल और कचरें का प्रबन्ध करेगें लेकिन किसी ने भी लिखित ब्यान के अनुसार कार्य नही किया।

दोषियों को बचाने की हो रही कोशिश

उल्लेखनीय है कि पीडब्लडी विभाग ने बाजार कुमारसैन में सरेआम दूषित पानी की पाईपें सड़क पर डालने वालों को नोटिस थमाए लेकिन एनएच अधिकारी दोषियों को बचाने में लगे रहें और जबरन 06 मार्च को दूषित एवं गंदे पानी को सड़क पर फैलाने वाले रसूखदार लोगों को सुविधा देने के लिए कलबट को खोद डाला।

स्कूल के अध्यापकों ने दिया लिखित ब्यान

राजकीय केंद्रीय प्राथमिक पाठशाला किगंल में कार्यरत सीएचटी ने लिखित ब्यान में कहा कि “किंगल पाठशाला परिसर में इस शैक्षणिक सत्र 2023-24 में पाठशाला परिसर से ऊपर NH-5 में एकत्रित होने वाला सारा गंदा पानी पाठशाला परिसर में आ रहा है, जो पहले नहीं आता था। इस पानी में अपशिष्ट पदार्थ व कूड़ा-कचरा एकत्रित होकर फैल जाता है, जिससे पाठशाला परिसर में प्रदूषण फैल रहा है। इस बारे उचित कार्यवाही वांछित है।” लेकिन स्थानीय प्रशासन खामोश बैठकर जैसे किसी अनहोनी घटना का इंतजार कर रहा है।

वर्तमान में अपशिष्ट जल और कूड़ा-कचरा सरकारी स्कूल किगंल के मैदान से सीधा सिंचाई की एकमात्र किंगल-लवाण कुल्ह में सरेआम बह रहा है, लेकिन एनएच अधिकारी गन्दगी फैलाने वालो को नोटिस तक नही थमाना चाहते जोकि बेहद आश्चर्यजनक है।

👉 क्या व्यवस्था परिवर्तन के दौर में नियम-कानून सिर्फ आम लोगों के लिए है?

👉 क्या रसूखदार लोगों को स्वच्छ भारत अभियान की धज्जियां उड़ाने और जगह-जगह गंदगी के ढेर लगाने की खुली छूट है?

LEAVE A RESPONSE

Your email address will not be published. Required fields are marked *