👉 संस्कृत–हिन्दी साहित्य तथा शिक्षा के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य के लिए दिया गया सम्मान
हिमाचल प्रदेश के शिक्षा विभाग में कार्यरत संस्कृत शिक्षक शिवकुमार शर्मा “शिवा” को ग्लोबल एक्सेलेंसी अवार्ड 2023 से सम्मानित किया गया। बता दें कि यह अवार्ड शिक्षा व साहित्य के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य करने पर दिया गया। शिवा ने विद्यालयीय पाठ्यक्रम में निर्धारित विभिन्न संस्कृत पद्यात्मक अध्यायों की सरल व सरस धुन बनाकर गाया तथा अनेकों संस्कृत पद्यों को अपनी आवाज देकर प्रसारित किया, जिसे हिमाचल व बाहरी राज्यों में भी अनेकों शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशालाओं में शिक्षण अधिगम सामग्री के रूप में प्रयोग किया जा रहा है तथा बहुत से शिक्षक व छात्र इससे लाभान्वित हुए हैं। इसके अतिरिक्त हिन्दी गीतों का संस्कृतानुवाद कर भी शिवा ने यूट्यूब माध्यम से प्रसारित किया, जिसकी बहुत से दर्शकों व भाषा प्रेमियों ने प्रशंसा की तथा संस्कृत न जानने वाले व्यक्ति भी भारत की धरोहर संस्कृत भाषा के प्रति आकर्षित हुए। बता दें कि यह संस्कृत भाषा प्रचार व शिक्षण के क्षेत्र में एक अभिनव प्रयोग हुआ है जिसमें संगीत का आश्रय लेकर संस्कृत शिक्षण को और अधिक सरस व सरल बनाया गया है। इसके अतिरिक्त हिमाचल प्रदेश के प्रथम संस्कृत न्यूज चैनल “हिमसंस्कृतवार्ता” में भी शिवा शर्मा वार्ता वाचन करते हैं तथा न्यूज संपादन करते हैं। शिवा शर्मा के संस्कृत गीतों को यूट्यूब पर “शिवा शर्मा संस्कृत गीत” सर्च कर सुन सकते हैं। तथा संस्कृतगीतानि यूट्यूब चैनल पर जाकर सुन सकते हैं।
शिवा शर्मा हिन्दी व संस्कृत भाषा साहित्यकार हैं जिनकी अनेकों रचनाएं विभिन्न पत्र–पत्रिकाओं में प्रकाशित होती रहती हैं। शिवा द्वारा किए गए कार्यों की समीक्षा कर भव्या फाउंडेशन जयपुर द्वारा इन्हें ग्लोबल एक्सेलेंसी अवार्ड 2023 के लिए चुना गया ताकि अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा बन सकें। जानकारी के अनुसार भव्या फाउंडेशन NITI आयोग भारत सरकार द्वारा पंजीकृत एक संस्था है जो कैंसर, पीड़ित व दिव्यांग लोगों की सहायतार्थ कार्य कर रही है तथा समाज में विभिन्न क्षेत्रों में श्रेष्ठ कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित करती है। वर्ष 2023 का यह सम्मान समारोह जयपुर राजस्थान में आयोजित किया गया। जिसमें पन्द्रह देशों के प्रतिनिधि तथा भारत के लगभग सभी राज्यों से चुनी गई विभिन्न प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। भव्या फाउंडेशन की निदेशक डॉ० निशा माथुर तथा संस्थापक शैलेन्द्र माथुर हैं जिनकी देखरेख में वर्ष 2023 का यह कार्यक्रम जयपुर राजस्थान में आयोजित किया गया।