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भाषा एवं संस्कृति विभाग जिला मण्डी द्वारा सुन्दरनगर में संस्कृत सप्ताह के उपलक्ष्य पर सांस्कृतिक साहित्यिक कार्यक्रम का आयोजन

पूरे देश में श्रावणी पूर्णिमा अर्थात् रक्षा-बंधन से तीन दिन पूर्व एवं तीन दिन बाद तक संस्कृत सप्ताह मनाया जाता है। जिसमें अनेक प्रकार की संस्कृत गतिविधियों का आयोजन किया जाता है। इसी क्रम में भाषा एवं संस्कृति विभाग जिला मण्डी ने सनातन धर्म सभा पुराना बाजार सुन्दरनगर में सांस्कृतिक साहित्यिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में सबसे पहले हिमाचल में आई प्राकृतिक आपदा में अपने प्राणों को खो चुकी दिवंगत आत्माओं के लिए मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।हिमाचल संस्कृत अकादमी (हिमाचल सरकार) के सचिव डॉ केशवान्द कौशल ने मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ गंगाराम राजी ने की। राजकीय संस्कृत महाविद्यालय सुन्दरनगर के छात्रों ने संस्कृत गीतों, भाषण एवं श्लोकोच्चारण की सुमधुर प्रस्तुतियां दी। मुख्यातिथि ने अपने सम्बोधन में कहा कि संस्कृत ज्ञान की एवं विज्ञान की भाषा है। भारतीय अन्तरिक्ष अनुसन्धान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष सोमनाथ जी ने भी माना है कि विज्ञान के सिद्धांत वेदों की ही देन है। अतः हम किसी भी विषय में दक्षता हासिल करें लेकिन संस्कृत के ज्ञान के विना अपूर्ण हैं। अतः किसी भी क्षेत्र में रहते हुए संस्कृत का अध्ययन भी अवश्य करना चाहिए। जिला भाषा अधिकारी प्रोमिला गुलेरिया ने उपस्थित अतिथियों का स्वागत किया और कहा कि प्रदेश सरकार ने संस्कृत को दूसरी राजभाषा के रूप में स्वीकृत किया है। अतः भाषा एवं संस्कृति विभाग का प्रयास है कि संस्कृत में छिपे ज्ञान-विज्ञान को जनमानस तक पहुंचाने का प्रयास किया जाये। जिसके लिए संस्कृत शिक्षक मुख्य भूमिका निभा सकते हैं। अतः संस्कृत के कार्यक्रमों संगोष्ठियों एवं कार्यशालाओं के आयोजन हेतु वे विभाग को प्रस्ताव भेज सकते हैं।

कार्यक्रम में संस्कृत कविसम्मेलन का आयोजन भी किया गया। जिसमें सुन्दरनगर से पूर्व प्राचार्य डॉ लीलाधर वात्सायन, संस्कृत महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ खुशवंत सिंह, डॉ सरला गौतम, रत्नलाल शर्मा, सुरेन्द्र मिश्रा, डॉ सुशील शर्मा ज्योतिषाचार्य, बाखली स्कूल से भाग सिंह, नागधार से नरेन्द्र, मासड़ से आचार्य नरेश, करसोग से डॉ सेवकराम, शान्ता कुमार, भावेन्द्र गौतम, धर्मपाल, मण्डी से डॉ मनोहरलाल, लोकपाल, कृष्णकुमार आदि ने संस्कृत कविताओं एवं गीतों की प्रस्तुतियां दी। राजकीय संस्कृत महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ खुशवंत सिंह ने भाषा एवं संस्कृति विभाग द्वारा सुन्दरनगर में इस कार्यक्रम के लिए आभार प्रकट किया। कार्यक्रम का संचालन हिमाचल राजकीय संस्कृत शिक्षक परिषद् के प्रदेशाध्यक्ष डॉ मनोज शैल ने किया तथा चन्द्रयान-३ की सफलता पर संस्कृत कविता भी प्रस्तुत की।

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