किसी भी राष्ट्रीय कार्यक्रम को जब सामाजिक मान्यता मिल जाती है तो तभी उसको अहमियत कायम होती है। सामाजिक स्वीकृति के अभाव मे वो अपनी गरिमा खो बैठता है। पहले जैविक खेती और अब सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती के प्रति आदर से समर्पित अनेक किसानो बागबानी मे एक नाम हिमाचल प्रदेश की ऐतिहासिक नगरी पांगणा के पज्याणु गांव की गृहणी लीना शर्मा का भी है।
स्नातकोत्तर शिक्षा प्राप्त 40 वर्षीय लीना शर्मा ने 2018 मे सुभाष पालेकर के सानिध्य मे प्राकृतिक खेती की विधि सीख इसके प्रति आस्था से व्यवहारिक प्रचार प्रसार शुरु,किया। कृषि, बागबानी विभाग और “आत्मा” के सहयोग से आयोजित शिविर मे मुख्य वक्ता के रुप मे भाग लेकर किसानो-बागबानो को प्रेरित किया।

लीना के कार्य पर आधारित सूचना और जन संपर्क विभाग वृतचित्र बने।शिमला दूरदर्शन ने लीना पर आधारित कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया। किसान रुपी इस धरोहर पर महिला किसान दिवस के अवसर पर भारत सरकार के केन्द्रीय दूरदर्शन द्वारा डी डी किसान पर लीना की सफलता की कहानी “चौपाल”नामक कार्यक्रम मे प्रसारित हो रही है। इस कार्यक्रम मे देश भर की 12 शीर्षस्थ किसान महिलाओ ने भाग लेकर कृषि के प्रति अपनी गर्वोक्ति का बखान किया।
इस कार्यक्रम का प्रसारण 15 अक्तूूबर 2023 को दिल्ली दूरदर्शन के डी डी किसान चैनल पर सायं 8 बजे और 16 अक्तूबर को प्रातः 11 बजे होगा। चौपाल कार्यक्रम के बाद लीना शर्मा सहित 12 महिला किसानो को डायरेक्टर जनरल आफ पुलिस दिल्ली द्वारा स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।
