इस हालत में मिली जवान बेटी की लाश
परिजन लगा रहे मर्डर का आरोप
रामपुर बुशहर: एम एम यू मेडिकल कॉलेज मुलाना में पढ़ाई कर रही किन्नौर जिला की स्थाई निवासी जो वर्तमान में रामपुर क्षेत्र के ज्यूरी में रह रही आरजू नामक लड़की जिसकी उम्र 23वर्ष थी जो किन्नौर के यांगपा की स्थाई निवासी थी आरज़ू मुलाना मे एक प्राइवेट पीजी में रहकर अपनी आगे कि नर्सिंग की पढ़ाई कर रही थी। कहा जा रहा है 16 सितंबर कि रात आरजू ने इस प्राइवेट पीजी में पंखे से लटकर फांसी लगा दी। परन्तु परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार ज़ब आरजू ने फांसी लगाई तो उससे कुछ समय पहले ही रात लगभग 9 बजे आरज़ू ने अपनी माता सरिता से बात कि थी और आरज़ू कि मौत कि ख़बर परिजनों को किसी के द्वारा नहीं दी गई थी।
17 तारिक की सुबह जब माता सरीता ने अपनी बेटी को कॉल किया तो उसे समय यह कॉल किसी अन्य व्यक्ति द्वारा उठाया गया. और आरजू की मौत की खबर परिजनों को दी और आरज़ू की माता सरिता उसी वक्त आपने पडोसी ऊषा के साथ मुलाना के लिए निकल गए एम.एम.यू अस्पताल पहुंचे। जहां एम.एम.यू अस्पताल मे आरजू को डॉक्टर द्वारा पहले ही मृत घोषित कर दिया गया था।
बता दें कि बिना किसी पुलिस कार्यवाही के हरविंदर सिंह (हैप्पी) पुत्र इंद्रजीत सिंह गांव मेहलावली नामक व्यक्ति द्वारा आरजू को उठाकर अस्पताल पहुंचाया। परंतु ले जाते और उतरते समय का कोई भी सबूत नहीं है। जिस कारण से परिजनों का कहना है। यह आत्महत्या नहीं मर्डर है। परिजनों द्वारा जब पुलिस प्रशासन से इस विषय में पूछा गया। तो मुलाना पुलिस प्रशासन के पास भी इस बात का कोई सबूत नहीं था। की आरजू फांसी के फंदे पर लटकी थी या उसका मर्डर किया गया है। और आरजू के शरीर पर कई जगह चोटों के निशान भी है।
जिस कारण से परिजनों का कहना है कि यह मर्डर है। हालांकि अभी तक मुलाना पुलिस प्रशासन द्वारा इस पर कोई भी ठोस कदम नहीं उठाया गया है। वहीं परिजनों ने आज रामपुर बुशहर मे आरजू को इंसाफ दिलाने के लिए धरना प्रदर्शन किया और एसडीएम रामपुर बुशहर निशांत तोमर को ज्ञापन सौंपा और हिमाचल प्रदेश मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखु से भी इन्साफ कि गुहार लगाई है। एसडीएम रामपुर बुशहर द्वारा परिजनों को जल्द से जल्द कड़े कदम उठाने का आश्वासन दिया है।